16.*Purchase
of house: Prashna 12 Date 3-5-1984 time 7-05
20N46 70E58
स्थान प्राप्ति: मकान
खरीदना है.(See
Prashna 12) मुंबई में ओनरशिप फ्लेट खरीदना है कब
होगा कैसे करके पैसोका जुगाड़ होगा? देखें प्रश्न कुंडली प्रश्न १२ स्थान प्राप्तिके
प्रश्नोमे स्थिरराशि/लग्नका बड़ा महत्त्व है.
षट्पन्चाषिका “वृष सिंह वृश्चिक:घटै: ही विद्धि स्थानं” अर्थात्
वृष सिंह वृश्चिक घट(कुम्भ) यानि स्थिर राशि लग्नमें हो स्थान प्राप्ति होगी,
१ प्रश्न लग्न वृषभ ४अंश यानी दूसरा
कुम्भ नवमांश स्थिर राशी स्थिर नवमांश और चन्द्रमा लग्नमे अपनी उच्च राशिमे और स्व
नक्षत्र रोहीणी में है.२ मकानका प्रश्न चतुर्थभाव सम्बंधित है.चतुर्थेश (कार्येश) सूर्य अपनी उच्च मेषराशीमें है साथमे लग्नेश शुक्र और धनेश बुध भी है. ३
इच्छापूर्ति करनेवाला लाभेश गुरु स्वगृही धनुराशिमे बैठा है और लग्नेश शुक्र धनेश
बुध कार्येश सूर्य सबको देख रहा है, और साथसाथ धन भाव और चतुर्थ भावको भी देखता है
इसलिए मनवांछित मकान शीघ्र ही मिलेगा.“मगर पैसों का जुगाड़ केसे होगा” नैसर्गिक धनकारक गुरु महाराज अष्टमभावमें है जो मरणोत्तर विल- वसीहत और
पैत्रिक संपत्तिका स्थान है. इसलिए अपने हक्क हिस्से से रिश्तेदारों से पैसोंका
जुगाड़ हो गया और डेढ़ दो महीने ही फ्लेट खरीद लिया.
17A *स्थान प्राप्ति: पुराना घर बेचकर नया खरीदना है. : 12-11-1989 time 16-12
(See Prashna 13) कुंडली प्रश्न १३ देखें. अपना मकान स्थावर संपत्तिका स्थान चतुर्थ है. हमें
खरीदना हो तो चतुर्थ और बेचना होतो दशम देखना है. प्रश्न में प्रथम बेचना है इससे
जो पैसे आयेगा उससे नया खरीदना है. यहाँ दोनों कार्य साथसाथ करना है. दशमेश गुरु
लग्नेश भी है और चतुर्थ खरीदनेके भावमें
है. लाभेश शनि दशममें अष्टमेश शुक्र के साथ है.शुक्र अष्टमेश वसिहत से
प्राप्त पैत्रिक सम्पतिका स्वामी है. लग्नेश गुरु, धनेश मंगल और लाभेश शनिको देखता
है. इसके सिवा भी कई दोनों इच्छापूर्तिके योग है. चन्द्र मेष१५ शनि धनु१६-३९ और
गुरुवक्री मिथुन १६-५४, चन्द्र गुरुसे
अर्धत्रिकोण और शनिसे त्रिकोणयोग शुभ इत्थाल योग करता है. इसका गणित समझ लें.
चन्द्र जो शनि और गुरु दोनोसे शुभ इत्थाल योग करता है, चन्द्र अतितेज गतिका
है.सामान्यत: चन्द्रकी एवरेज गति अंश१३-१०कला है मगर प्रश्न दिन अंश १५-१७ कला की बहुत
तेज गतिसे चलता है और देखें चन्द्र मेष अग्नितत्वकी चरराशिमे भी है, मतलब काम झटसे बहुत जल्दी होगा. इससे प्रुच्छाककी सब मनोकामना पूर्ण होगी. फलत:
बराबर १६वे दिन सर्व कार्य सम्पन्न कर खुशखबर देने और नए गृह प्रवेशके मुहूर्त
लेने आ गया.


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