Saturday, November 2, 2013



60.*Cricket series - Rain disturbance:  

 Date 16-9-1983 Time 9-30 20N46 Let 72E58 Long

 







आज एक क्रिकेटप्रेमी ज्योतिषमित्र के घर गया था. उन्हों ने आज सुबह ९-२० समयकी प्रश्न कुंडली जो बनाई थी, वह दिखा. प्रश्न वाक्य था पाकिस्तान की क्रिकेट टीम भारत आयी है सिरीज़ किसकी फेवर में रहेगी? कोई एक मेच के लिए सवाल नहीं है यहाँ सिरिजके लिए है. पहेले भी हम कहे गए है की हमें कोई गेम रमत में रस या सूझ नहीं है.मित्रने अपनी कोई पसंदगी जताई नहीं है.इसलिए प्रश्न वाक्य महत्त्व का है. यही शब्द/वाक्य अपने ब्लेक बोर्ड पर भी लिखा था.स्पर्धा हारजीत के प्रश्नोंके लिए प्रश्न शास्त्रों में कई नियम बताये है. प्रश्न वाक्यमें पाकिस्तान का उल्लेख प्रथम है और भारतका बादमे  इसलिए लग्न को पाकिस्थान मानेंगे.षट्पञ्चाशिका आदि प्राचीन प्रश्न ग्रन्थोमे युद्ध आक्रमणके प्रश्नके लिए नियम भी देखेंगे. संस्कृत ग्रन्थोमे आगन्तुक/आक्रामक(युद्धप्रश्न मे)को यायी ओर स्थानिक को स्थाई कह गाय है. पाकिस्तान महेमान/आगन्तुक यायी है और भारत यजमान स्थाई है.

नृ राशिसंस्था ह्युदये शुभा स्यु: व्ययाय संस्थाश्च यदा भवन्ति/

तदासु संधि प्रवदेत् नृपाणां पापै:द्विदेहोपगतै: विरोधम्//

यह् श्लोक षट्पञ्चाशिका मे युद्धके  विषयमे है.

मिथुन कन्या तुला कुंभ और धनुका पूर्वार्ध नृ (मनुष्य) राशि है. लग्न लाभ या व्यय में  नृ (मनुष्य) राशि हो ओर उसमे शुभ ग्रह हो तो  तुरन्त संधि होगी, ओर द्विदेह राशिमे पाप ग्रह होङ्गे तो विरोध/ विग्रह होगा. इस प्रश्नमे लग्न मे तुला ओर बारहवे में  कन्या है इसलिये संधि समाधानका सुचन है.

एक अलग नजरिये से भी देखेंगे.

1.प्रश्न में लग्नेश शुक्र यायी है और सप्तमेश मंगल स्थाई है.शुक्र मंगलकी अंशात्मक युति है.शुक्र शत्रु रशिमें और मंगल नीच राशिमें है मतलब दोनोंका बलाबल करीब करीब सामान है.

2.शुक्र मंगल युति पर दृष्टी का विचार करें तो शनि और गुरुकी दृष्टी है. गुरु शुक्रका  शत्रु और मंगलका मित्र है, शनि शुक्र मित्र और मंगल का शत्रु है यानी दृष्टीके लाभालाभ भी करीब करीब समान है.इसलिए अनिर्णायक स्थिति है 

प्रश्न खेल संबन्धित है इसलिये कोइ हारजित नहि. Series Draw  होगी. तब मित्रने पूछा किस वजह से Draw  हो सकता है? गुरुकृपासे क्षणमात्रमें कुंडली में षट्पञ्चाशिका के वर्षा सम्बन्धी योग दिखाई दिये. स्थायी मंगल और यायी शुक्रकी युति दशम (आकाश) भावमें जल राशिमे है.षट्पञ्चाशिका मे

सौम्या जल्रराशिस्था तृतीये धन केन्द्रगा सिते पक्षे  चन्द्रे वाप्युदयगते जल्रराशिस्थे वदेत् वर्षाम.

अर्था द्वितीय तृतीय और केंद्र भावमें शुभ ग्रह हो और चन्द्रमा शुक्ल पक्षका या लग्न में या जलराशिमें हो तो वर्षा होगी.

इस प्रश्न कुंडली में

1.दुसरे भाव में गुरु तीसरे भाव में शुक्ल पक्षका चन्द्र और दशम (आकाश) केंद्रमें शुक्र है.

2.गुरु वृश्चिक(जल) और शुक्र कर्क(जल)राशी में है. यह सब वर्षाका योग बताते है. तदुपरांत च्यूतिर्विलग्नात लग्नसे स्थानभ्रष्ट/पतन भी देखा जता है.लग्न में पाप ग्रह शनि उच्चका स्वाति नक्षत्रमें है और स्वातिका स्वामी राहू अष्टम (हानी/रुकावट) में है, कुल मिलाकर लग्नेश शुक्र जल ग्रह दशम आकाश कर्क राशी जल राशी नवांश जल राशी मीनका है.इसलिए कहा बारिशके कारण मेचमें बाधा/रुकावट आ सके है और इसी वजहसे मेच Draw  हो सकती है.

यह सब होने के बाद एक बड़ा रहस्य ध्यान में आया की लग्नमें शनि है. शनि लग्नेश शुक्र और चंद्रको देखता है. लग्न चन्द्र और शुक्र तीनो शनिके उप में है. खुद शनि अष्टमस्थ राहुके नक्षत्रमे ओर राहुके उपमे है.यह सब योग कुछ चालाकी / कपट का संकेत है मगर गुरुकृपासे शास्त्र शुद्ध तर्कसे उत्तर दिये जो सत्य सिद्ध हुए    that friend was giving tips to some gamblers, that lesson i learn so i don't give match prediction

परिणाम स्वरूप सब मेंचने बारिश की वजह से बहुत रुकावट हुई और सब मेच Draw  हुई