Saturday, September 7, 2013

Horary Astrology Applied 

प्रश्न ज्योतिषके लिए उपयोगी माहिती 

राशी चक्रमें क्रमश:१ ३ ५ ७ ९ ११ राशी विषम है और २ ४ ६ ८ १० १२ सम राशी है.
.विषम राशीमें नवमांश संज्ञा क्रमश:१ धातु २ मूल ३ जिव ४ धातु ५ मूल ६ जिव ७ धातु ८ मूल ९ जिव होते है.
.सम राशिमें नवमांश संज्ञा क्रमश: १ जिव २ मूल ३ धातु ४ जिव ५ मूल ६ धातु ७ जिव ८ मूल ९ धातु होते है.
.चर राशी/नवमांश धातुचिंता, स्थिर राशी/नवमांश मूलचिंता, द्विस्वभाव राशीनवमांश जिवचिंता सूचक है.
.मेष कर्क तुला मकर चर राशी धातु सूचक है
.वृष सिंह वृश्चिक कुम्भ स्थिर राशी मूल सूचक है.
.मिथुन कन्या धनु मीन द्विस्वभाव राशी जिव सूचक है.
.धातु चिंता:- सब खनिज पदार्थ जैसे सोना चांदी रुपैया पैसा चीज वस्तु के उपरांत माल खरीदी बिक्री विनिमय शेर सट्टा नोकरी धंधा ऑफिस रूटीन इत्यादि सब धातु चिंता के विषय है.
चन्द्र मंगल शनि राहू यह चार धातु संज्ञक ग्रह है.
मूल चिंता: सब वनस्पति खेत वन उत्पादन कृषि वनोषधि के उपरांत हिसाब किताब ओडिट कागझी काम मकान/जमीनके सोदा इत्यादि सब मूल चिंता के विषय है.
सूर्य शुक्र यह दो मूल संज्ञक ग्रह है.
जिव चिंता: सब सजीव, मनुष्य पशु पक्षी सगे संबंधी मित्र शत्रु मालिक नोकर किरायेदार गर्भ जीवन मरण रोग प्रवास पशु व्यापार इत्यादि जिवचिंता के विषय है.
बुध गुरु यह दो जिव संज्ञक ग्रह है.
किसी भी प्रश्न कुंडली में उदित लग्न नवमांश चन्द्रके राशी नक्षत्र से प्रश्न विषय और फलका अंदाजा तुरंत मिलता है. याद रहें स्थूल से सुक्ष्म बलवत्तर है.

लघु जातक अनुसार "मेषाद्य चत्वार: सधन्वि मकरा क्षपाबला ज्ञेया" मतलब मेष वृष मिथुन कर्क धनु मकर यः राशि रात्रिबली है. " प्रुष्टोदया विमिथुना " इनमें से मिथुन को छोड़ कर सब पृष्टोदय है, "उभयतो मीन" मीन उभयोदय है अर्थात् बाकी बची शीर्षोदय है .
प्रश्न ज्योतिष में उपरोक्त विषय का बहुत महत्त्व है



सूर्य गुरु शुक्र दिवाबली, चन्द्र मंगल शनि रात्रीबलि, बुध अहोरात्र बलि.
सूर्य मंगल शनि पृष्टोदयी, बुध गुरु शुक्र शीर्षोंदयी, चन्द्र उभयोदयी,
सूर्य मंगल दशम भाव और दक्षिण दिशामें बलि होते है,
बुध गुरु लग्न भाव और पूर्व दिशामें बलि होते है,
चन्द्र शुक्र चतुर्थ भाव और उत्तर दिशामें बलि होते है,
शनि सप्तम भाव और पश्चिम दिशामे बलि होता है.
इस तरहके कई प्रकारसे विश्लेषण होता है यहाँ कुछ मोटी बातें ही बताई है.इसका उपयोग जन्म कुंडली में भी हो सकता है.
 
एक छोटासा उदाहरण, श्रीमती इंदिरा गाँधी का जन्म रात्रिमें है, कर्क लग्न है, लग्नेश चन्द्र मकरका है.
रात्रिमे जन्म, कर्क रात्रिबली, लग्नेश चन्द्र रात्रिबली, लग्नेश चन्द्र रात्रीबलि मकर राशिमें है, चंद्राका डीस्पोज़िटर शनि स्वयं रात्रीबलि है और रात्रिबली कर्कराशिमे बैठा है. कर्माधिपति और पंचामाधिपति होने से राजयोग करक मंगल स्वयं रात्रिबली है.
जातक स्त्री है और उपरोक्त सब सम्बंधित राशियाँ रात्रिबली भी है. इसी तरह राजयोग इत्यादिका भी तुलनात्मक विचार करना होता है. इति अलम्
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